इस्तेमाल कैसे करें
- ऊपर के चार बटनों में से चुनें कि क्या निकालना है: “Marks %”, “X% of Y”, “X is what % of Y” या “% change”।
- मार्क्स के लिए “Marks obtained” में अपने मिले नंबर और “Total marks” में पूरे नंबर लिखें। हर विषय अलग से जोड़ना हो तो “Subject-wise” दबाएँ — नया विषय “Add subject” से जुड़ता है।
- बाकी मोड में दोनों बॉक्स भरें — जैसे “% change” में “From (old value)” में पुरानी और “To (new value)” में नई संख्या।
- जवाब टाइप करते ही दिखता है। नीचे “Formula used” में आपके अपने नंबरों के साथ पूरा हिसाब होता है, जिसे कॉपी में उतार सकते हैं।
प्रतिशत के फ़ॉर्मूले एक नज़र में
प्रतिशत का मतलब है “हर 100 में से कितना”। ज़्यादातर सवाल इन चार फ़ॉर्मूलों से हल हो जाते हैं — टूल में हर एक का अपना बटन है:
| सवाल | फ़ॉर्मूला | उदाहरण | टूल में |
|---|---|---|---|
| मार्क्स का प्रतिशत | (मिले नंबर ÷ कुल नंबर) × 100 | (432 ÷ 500) × 100 = 86.4% | “Marks %” |
| Y का X% कितना है | (X ÷ 100) × Y | 2,400 का 15% = 360 | “X% of Y” |
| X, Y का कितना प्रतिशत है | (X ÷ Y) × 100 | (45 ÷ 60) × 100 = 75% | “X is what % of Y” |
| कितने प्रतिशत बढ़ा या घटा | ((नई − पुरानी) ÷ पुरानी) × 100 | 25,000 → 30,000 = +20% | “% change” |
मार्क्स का परसेंटेज कैसे निकालें
सभी विषयों के मिले नंबर जोड़ें, फिर सभी विषयों के पूरे नंबर (maximum marks) जोड़ें। पहले जोड़ को दूसरे से भाग दें और 100 से गुणा करें। मान लीजिए पाँच विषयों में 100 में से 78, 85, 92, 88, 81 नंबर आए:
- मिले नंबर = 78 + 85 + 92 + 88 + 81 = 424
- कुल नंबर = 5 × 100 = 500
- प्रतिशत = (424 ÷ 500) × 100 = 84.8%
हर विषय के पूरे नंबर अलग हों तो? विषयों के प्रतिशत का औसत न निकालें। 50 में से 45 (90%) और 100 में से 60 (60%) का औसत 75% बनता है, पर सही प्रतिशत (105 ÷ 150) × 100 = 70% है। टूल का “Subject-wise” मोड हर विषय के अपने पूरे नंबर (“Out of”) के साथ सही जोड़ लगाता है।
कुछ बोर्ड, यूनिवर्सिटी या फ़ॉर्म सिर्फ़ चुने हुए विषय गिनते हैं (जैसे “best of five”) या प्रतिशत किसी ख़ास नियम से माँगते हैं। ऐसे में अपने संस्थान या फ़ॉर्म के निर्देश ही मानें।
परसेंटेज से नंबर कैसे निकालें
उल्टा हिसाब “X% of Y” बटन से होता है: कुल नंबर 600 हों और 75% चाहिए, तो (75 ÷ 100) × 600 = 450 नंबर। इसी तरह अगर पास होने के लिए 33% चाहिए और पेपर 500 नंबर का है, तो कम से कम 165 नंबर चाहिए।
प्रतिशत बढ़ोतरी और कमी कैसे निकालें
हमेशा पुरानी संख्या से भाग दें। सैलरी ₹25,000 से ₹30,000 हुई, तो फ़र्क ₹5,000 है और (5,000 ÷ 25,000) × 100 = 20% बढ़ोतरी। कोई चीज़ ₹500 से ₹400 की हो गई, तो यह 20% की कमी है। टूल जवाब के ऊपर “Increase” या “Decrease” लिखकर बताता है कि संख्या बढ़ी या घटी।
एक ही प्रतिशत की बढ़ोतरी और कमी आपस में कटती नहीं: 100 में 20% जोड़ें तो 120 बनता है, पर 120 में से 20% घटाएँ तो 96 — 100 नहीं, क्योंकि दूसरी बार प्रतिशत बड़ी संख्या का लिया गया।
डिस्काउंट और किसी संख्या का X%
“X% of Y” में 2,400 का 15% = 360 आता है। साथ में टूल दो जवाब और दिखाता है: “15% added” में 2,760 (कीमत 15% बढ़ने पर) और “15% off” में 2,040 (इतने प्रतिशत डिस्काउंट के बाद)। GST जोड़ना या हटाना हो तो GST कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
प्रतिशत और प्रतिशत अंक में फ़र्क
कट-ऑफ़ 60% से 65% हो जाए, तो यह 5 प्रतिशत अंक (percentage points) की बढ़ोतरी है, पर प्रतिशत में देखें तो (5 ÷ 60) × 100 = 8.33%। रिज़ल्ट की ख़बरों में दोनों अक्सर मिला दिए जाते हैं, इसलिए देखें कि कौन सा मतलब है।
और काम के टूल
मार्कशीट में CGPA लिखा हो तो पहले CGPA से परसेंटेज बदलें। एग्ज़ाम फ़ॉर्म के लिए आयु कैलकुलेटर से कट-ऑफ़ तारीख पर उम्र देखें और फोटो का साइज कम करें।