इस्तेमाल कैसे करें
- “Loan type” में “Home”, “Car”, “Personal” या “Education” दबाएँ — इससे उस लोन की एक आम ब्याज दर और अवधि भर जाती है। चाहें तो इसे छोड़कर सीधे अपने नंबर डालें।
- “Loan amount” में लोन की रकम, “Interest rate” में बैंक की सालाना ब्याज दर और “Loan tenure” में अवधि लिखें — साल में (“Years”) या महीनों में (“Months”)। स्लाइडर खिसकाकर भी बदल सकते हैं।
- “Monthly EMI”, “Total interest” और “Total payment” तुरंत दिखते हैं, साथ में मूलधन और ब्याज का चार्ट।
- “Show yearly breakdown” दबाकर देखें कि हर साल कितना मूलधन (“Principal”) और कितना ब्याज (“Interest”) गया, और कितना लोन बाकी (“Balance”) है।
EMI कैसे निकालें: फ़ॉर्मूला
भारत में ज़्यादातर बैंक और NBFC घटते बैलेंस (reducing balance) पर हर महीने ब्याज जोड़कर EMI इस फ़ॉर्मूले से निकालते हैं:
EMI = P × r × (1 + r)ⁿ ÷ ((1 + r)ⁿ − 1)
- P = लोन की रकम (मूलधन)
- r = महीने की ब्याज दर = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100
- n = कुल महीने (किस्तों की संख्या)
उदाहरण: ₹10,00,000 का लोन, 8.5% सालाना, 20 साल
- r = 8.5 ÷ 12 ÷ 100 = 0.0070833
- n = 20 × 12 = 240 महीने
- (1 + r)ⁿ = 1.0070833240 ≈ 5.4412
- EMI = 10,00,000 × 0.0070833 × 5.4412 ÷ 4.4412 ≈ ₹8,678
- कुल भुगतान = ₹8,678 × 240 ≈ ₹20,82,776, यानी कुल ब्याज ≈ ₹10,82,776
ब्याज दर 0% हो तो यह फ़ॉर्मूला काम नहीं करता — तब EMI बस लोन की रकम ÷ महीनों की संख्या होती है, और टूल यही करता है।
अवधि बढ़ाने से EMI और ब्याज पर असर
वही ₹10,00,000 का लोन, 8.5% सालाना पर, अलग-अलग अवधि में:
| अवधि | महीने की EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 10 साल | ₹12,399 | ₹4,87,828 |
| 15 साल | ₹9,847 | ₹7,72,531 |
| 20 साल | ₹8,678 | ₹10,82,776 |
| 25 साल | ₹8,052 | ₹14,15,681 |
| 30 साल | ₹7,689 | ₹17,68,089 |
लंबी अवधि में EMI कम होती है, पर ब्याज ज़्यादा महीनों तक लगता है, इसलिए कुल ब्याज तेज़ी से बढ़ता है। 20 की जगह 30 साल लेने पर EMI हर महीने सिर्फ़ ₹989 कम होती है, पर कुल ब्याज ₹6,85,313 बढ़ जाता है।
शुरू की EMI में ज़्यादातर ब्याज क्यों जाता है?
ब्याज हमेशा बचे हुए लोन पर लगता है, और शुरू में बचा हुआ लोन सबसे ज़्यादा होता है। ऊपर वाले उदाहरण में पहले साल की 12 EMI में से लगभग ₹84,236 ब्याज में और सिर्फ़ ₹19,902 मूलधन में जाते हैं। आख़िरी साल में उल्टा होता है: लगभग ₹99,498 मूलधन में और ₹4,640 ब्याज में। अपने लोन के लिए टूल में “Show yearly breakdown” खोलें।
हर ₹1 लाख पर EMI: जल्दी अंदाज़ा लगाने का तरीका
ब्याज दर और अवधि वही रहें तो EMI लोन की रकम के ठीक अनुपात में बढ़ती है — लोन दोगुना तो EMI भी दोगुनी। 8.5% पर 20 साल के लिए हर ₹1 लाख की EMI लगभग ₹868 है, तो ₹25 लाख के लोन की EMI लगभग 25 × ₹868 = ₹21,700 होगी — टूल में बिल्कुल सही EMI ₹21,696 आती है।
लोन लेने से पहले ध्यान दें
- अलग-अलग बैंकों के ऑफ़र एक ही अवधि पर मिलाएँ — ब्याज दर में थोड़ा-सा फ़र्क भी कई सालों में बड़ी रकम बन जाता है।
- प्रोसेसिंग फीस, लोन इंश्योरेंस और दूसरे चार्ज के बारे में पूछें; ये यहाँ दिखी EMI में शामिल नहीं हैं।
- देखें कि ब्याज दर फ़िक्स्ड है या फ़्लोटिंग। फ़्लोटिंग दर में रेट बदलने पर बैंक आपकी EMI या बची अवधि बदल सकता है।
- बीच में कुछ लोन चुका देने (part-prepayment) से बचा हुआ लोन और इसलिए ब्याज कम होता है — अपने बैंक की प्रीपेमेंट शर्तें पढ़ें।
टैक्स की प्लानिंग के लिए इनकम टैक्स कैलकुलेटर है, और बचत कितनी बढ़ेगी यह SIP कैलकुलेटर या FD कैलकुलेटर से देखें।