इस्तेमाल कैसे करें
- सबसे ऊपर साल चुनें (“FY 2026-27” या “FY 2025-26”), फिर “Your age during the year” में अपनी उम्र: “Below 60”, “60 – 79” या “80+”। उम्र से सिर्फ़ पुरानी रिजीम के स्लैब बदलते हैं।
- “Salary or pension (gross, yearly)” में साल भर की कुल सैलरी या पेंशन लिखें, और ब्याज जैसी कमाई “Other income” में।
- “Deductions” में वही रकम भरें जो आप सच में क्लेम करते हैं। “Old regime only” वाले बॉक्स नई रिजीम में नहीं गिने जाते।
- ऊपर बताया जाता है कि किस रिजीम में टैक्स कम है और कितना। “New vs old regime” में पूरा हिसाब और “Slab-wise calculation” में हर स्लैब का टैक्स देखें।
नई या पुरानी टैक्स रिजीम?
इनकम टैक्स दो तरीकों से निकलता है। नई रिजीम में स्लैब की दरें कम हैं और सैलरी-पेंशन पर ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन है, पर लगभग कोई और छूट नहीं। पुरानी रिजीम में दरें ज़्यादा और स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 है, पर HRA, PPF-LIC जैसे निवेश, हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन के ब्याज की छूट मिलती है। कौन सी सस्ती पड़ेगी, यह आपके डिडक्शन पर निर्भर है — यही कैलकुलेटर दोनों का टैक्स निकालकर बताता है।
टूल में “FY 2026-27” (Tax year 2026-27, Income-tax Act, 2025) और “FY 2025-26” (AY 2026-27, Income-tax Act, 1961) का हिसाब है। 1 अप्रैल 2026 से नया Income-tax Act, 2025 लागू है, जिसमें “previous year” और “assessment year” की जगह एक ही “tax year” शब्द है।
नई रिजीम के टैक्स स्लैब (FY 2026-27)
| टैक्सेबल इनकम | टैक्स दर |
|---|---|
| ₹4,00,000 तक | शून्य |
| ₹4,00,001 – ₹8,00,000 | 5% |
| ₹8,00,001 – ₹12,00,000 | 10% |
| ₹12,00,001 – ₹16,00,000 | 15% |
| ₹16,00,001 – ₹20,00,000 | 20% |
| ₹20,00,001 – ₹24,00,000 | 25% |
| ₹24,00,000 से ऊपर | 30% |
टैक्सेबल इनकम ₹12 लाख तक हो तो ₹60,000 तक की रिबेट पूरा टैक्स ख़त्म कर देती है। सैलरी वालों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़कर यह ₹12.75 लाख की सैलरी बनती है। ₹12 लाख से थोड़ा ऊपर मार्जिनल रिलीफ मिलता है: टैक्स ₹12 लाख से ऊपर की इनकम से ज़्यादा नहीं हो सकता।
पुरानी रिजीम के टैक्स स्लैब
| टैक्सेबल इनकम | 60 से कम | 60 – 79 साल | 80 या ज़्यादा |
|---|---|---|---|
| ₹2,50,000 तक | शून्य | शून्य | शून्य |
| ₹2,50,001 – ₹3,00,000 | 5% | शून्य | शून्य |
| ₹3,00,001 – ₹5,00,000 | 5% | 5% | शून्य |
| ₹5,00,001 – ₹10,00,000 | 20% | 20% | 20% |
| ₹10,00,000 से ऊपर | 30% | 30% | 30% |
पुरानी रिजीम में टैक्सेबल इनकम ₹5 लाख तक हो तो ₹12,500 तक की रिबेट मिलती है। बड़ी इनकम पर सरचार्ज लगता है — नई रिजीम में ₹50 लाख से ऊपर 10%, ₹1 करोड़ से ऊपर 15%, ₹2 करोड़ से ऊपर 25%। पुरानी रिजीम में भी यही दरें हैं, साथ में ₹5 करोड़ से ऊपर 37%। आख़िर में टैक्स और सरचार्ज पर 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस जुड़ता है, और कुल टैक्स ₹10 में राउंड होता है।
ये दरें FY 2026-27 और FY 2025-26 दोनों के लिए एक जैसी हैं।
उदाहरण: कितनी सैलरी पर कितना टैक्स (FY 2026-27)
- सैलरी ₹12,75,000, नई रिजीम: स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद टैक्सेबल इनकम ₹12,00,000, स्लैब से टैक्स ₹60,000, और रिबेट के बाद कोई टैक्स नहीं।
- सैलरी ₹12,85,000, नई रिजीम: टैक्सेबल इनकम ₹12,10,000, स्लैब से टैक्स ₹61,500। मार्जिनल रिलीफ इसे ₹12 लाख से ऊपर की ₹10,000 तक सीमित करता है, 4% सेस जोड़कर ₹10,400।
₹15 लाख की सैलरी पर दोनों रिजीम की तुलना (उम्र 60 से कम):
| डिडक्शन | नई रिजीम | पुरानी रिजीम | किसमें कम |
|---|---|---|---|
| सिर्फ़ निवेश ₹1.5 लाख और हेल्थ इंश्योरेंस ₹25,000 | ₹97,500 | ₹2,02,800 | नई रिजीम, ₹1,05,300 कम |
| ऊपर वाले के साथ ब्याज की कमाई ₹50,000, HRA छूट ₹1.2 लाख, बुज़ुर्ग माता-पिता का इंश्योरेंस ₹30,000, होम लोन ब्याज ₹2 लाख, अपना NPS ₹50,000 | ₹1,05,300 | ₹1,01,400 | पुरानी रिजीम, ₹3,900 कम |
यानी कम डिडक्शन हों तो आम तौर पर नई रिजीम, और बहुत सारे डिडक्शन हों तो पुरानी रिजीम सस्ती पड़ सकती है। अपने नंबर डालकर ही पक्का पता चलेगा।
पुरानी रिजीम के डिडक्शन और उनकी सीमा
- “Investments: PPF, EPF, ELSS, LIC…” — ज़्यादा से ज़्यादा ₹1.5 लाख।
- “Health insurance — self & family” — ₹25,000 (60 या ज़्यादा उम्र पर ₹50,000); माता-पिता के लिए इतना ही अलग से, “Parents are 60 or older” टिक करने पर ₹50,000।
- “Home-loan interest (self-occupied)” — ₹2 लाख तक; “Your own NPS contribution” — ₹50,000 तक।
- “Employer’s NPS contribution” दोनों रिजीम में घटता है: नई रिजीम में बेसिक + DA का 14%, पुरानी में 10% (सरकारी नौकरी में 14%)।
सीमा से ज़्यादा रकम डालने पर टूल अपने आप सीमा तक ही घटाता है और नीचे बता देता है।
नए इनकम टैक्स कानून में धाराओं के नंबर
| किसकी धारा | FY 2025-26 (1961 का कानून) | FY 2026-27 (2025 का कानून) |
|---|---|---|
| नई रिजीम के स्लैब | धारा 115BAC(1A) | धारा 202(1) |
| रिबेट | धारा 87A | धारा 156(2) |
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | धारा 16(ia) | धारा 19 |
| निवेश (PPF, EPF, ELSS, LIC…) | धारा 80C | धारा 123 |
| हेल्थ इंश्योरेंस | धारा 80D | धारा 126 |
| होम लोन का ब्याज | धारा 24(b) | धारा 22(2) |
ज़रूरी: यह कैलकुलेटर रेज़िडेंट व्यक्ति की सैलरी, पेंशन और ब्याज जैसी आम इनकम पर टैक्स का अनुमान देता है। कैपिटल गेन, बिज़नेस इनकम और दूसरे ख़ास मामले इसमें नहीं हैं। रिटर्न भरने से पहले किसी CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) या incometax.gov.in के ऑफिशियल कैलकुलेटर से ज़रूर मिलाएँ।
बचा हुआ टैक्स कहाँ लगाएँ, यह देखने के लिए PPF कैलकुलेटर या SIP कैलकुलेटर देखें, और लोन की किस्त के लिए EMI कैलकुलेटर। सरकारी कर्मचारी अपना DA और HRA महंगाई भत्ता कैलकुलेटर से निकाल सकते हैं।